- चैत्र मास की पहली जत्रा शुरू, चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
- चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
- भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
- महाकाल दरबार में तड़के भस्म आरती: राजा स्वरूप में सजे बाबा, श्रद्धालुओं ने किए अलौकिक दर्शन!
- भस्म आरती में शामिल हुए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, नंदी हाल में बैठकर किया महाकाल का जाप
सोमवार भस्म आरती दर्शन:त्रिनेत्र त्रिपुण्ड चंद्र धारण कर बाबा महाकाल दिव्य श्रृंगार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के 3 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का जल से अभिषेक कर दूध,दही,घी, शहद,शक़्कर फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन के बाद रजत के आभूषणों और भांग,चन्दन,सूखे मेवे से दिव्य श्रृंगार किया गया। मस्तक पर त्रिनेत्र त्रिपुण्ड चंद्र के साथ त्रिनेत्र शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई।
सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की भगवान ने। नवीन वस्त्र अर्पित कर फल और मिष्ठान का भोग लगाया भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते है।